होटल के कमरे में लटकी इस अजीब चीज़ को देखकर यात्री भी रह गया हैरान
छुट्टियां मनाने के लिए होटल में ठहरना आमतौर पर आराम और सुकून का अनुभव होता है। लेकिन एक यात्री को…
कैंसर के शुरुआती लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ कैंसर शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण भी पैदा नहीं करते, जबकि दूसरे मामलों में शरीर में ऐसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से किसी एक लक्षण का होना कैंसर होने का प्रमाण नहीं है। थकान, वजन कम होना, गांठ, खांसी या पाचन संबंधी बदलाव जैसी समस्याएं कई सामान्य बीमारियों के कारण भी हो सकती हैं। लेकिन अगर कोई नया बदलाव लगातार बना रहता है, बढ़ता जाता है या कुछ सप्ताह में ठीक नहीं होता, तो डॉक्टर से इसकी जांच कराना उचित है।
यहां शरीर में दिखाई देने वाले 20 ऐसे बदलाव हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए।

अगर खान-पान या व्यायाम में कोई बड़ा बदलाव किए बिना वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह कैंसर का संकेत भी हो सकता है।
पर्याप्त आराम के बावजूद ऐसी थकान जो लंबे समय तक बनी रहे, ध्यान देने योग्य है। कैंसर के अलावा एनीमिया, संक्रमण और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं।
गर्दन, बगल, स्तन, पेट या शरीर के किसी अन्य हिस्से में नई गांठ या असामान्य सूजन दिखाई दे तो इसकी जांच कराना जरूरी है। हालांकि, कई गांठें कैंसर के बजाय संक्रमण या अन्य गैर-कैंसरकारी कारणों से होती हैं।

ऐसा नया दर्द जो बिना किसी स्पष्ट कारण के शुरू हुआ हो, ठीक न हो रहा हो या समय के साथ बढ़ रहा हो, डॉक्टर को बताना चाहिए। कैंसर के अलावा चोट और कई अन्य स्थितियां भी दर्द पैदा कर सकती हैं।
ऐसी खांसी जो ठीक नहीं होती, खासकर अगर उसके साथ अन्य लक्षण भी हों, तो चिकित्सा जांच की जरूरत हो सकती है।
लगातार भारी या कर्कश आवाज कई कारणों से हो सकती है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।
लगातार कब्ज, दस्त या मल के सामान्य स्वरूप में बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर अगर यह लंबे समय तक बना रहे।

मल में दिखाई देने वाला खून कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है, लेकिन यह colorectal cancer का एक संभावित संकेत भी हो सकता है। इसलिए इसकी वजह पता करना जरूरी है।
पेशाब में खून दिखाई देना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन यह मूत्राशय या मूत्र प्रणाली से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है और इसकी चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
पेशाब करते समय दर्द, पेशाब करने में परेशानी या सामान्य से अधिक या कम बार पेशाब आने जैसी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
खाना या पानी निगलने में लगातार कठिनाई होना या निगलते समय परेशानी महसूस होना कई कारणों से हो सकता है, लेकिन अगर यह बना रहता है तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
बार-बार होने वाली indigestion या heartburn आम समस्या भी हो सकती है। लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे या सामान्य उपचार से ठीक न हो, तो इसके कारण की जांच कराना उचित है।
पेट में लगातार दर्द, असामान्य fullness या लंबे समय तक रहने वाली दूसरी पाचन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनके बहुत से गैर-कैंसरकारी कारण भी हो सकते हैं।
बिना किसी स्पष्ट संक्रमण या अन्य कारण के लगातार या बार-बार बुखार आना डॉक्टर से चर्चा करने का कारण हो सकता है।
ऐसा रात का पसीना जो असामान्य रूप से अधिक हो और किसी स्पष्ट कारण से न जुड़ा हो, खासकर अगर दूसरे लक्षणों के साथ हो, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
किसी पुराने mole का आकार, रंग या रूप बदलना या त्वचा पर नया असामान्य निशान दिखाई देना त्वचा की जांच कराने का कारण हो सकता है।
त्वचा पर कोई घाव या sore जो लंबे समय तक ठीक नहीं होता, विशेष रूप से यदि उसमें खून आता हो या वह बदल रहा हो, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
त्वचा या आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना jaundice कहलाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं और यह कुछ कैंसरों में भी दिखाई दे सकता है, इसलिए कारण की चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
जीभ या मुंह के अंदर लाल या सफेद धब्बा, लगातार दर्द, खून आना या सुन्नपन जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें तो dental या medical evaluation कराना चाहिए।
स्तन में नई गांठ, बगल में गांठ, निप्पल में बदलाव या असामान्य discharge जैसे परिवर्तन डॉक्टर को दिखाए जाने चाहिए। त्वचा में लालिमा, खुजली, पपड़ी, धंसाव या असामान्य बदलाव भी ध्यान देने योग्य हैं।
नहीं।
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
National Cancer Institute के अनुसार, कैंसर से जुड़े कई संभावित लक्षण अक्सर कैंसर के बजाय किसी अन्य बीमारी, चोट, benign tumor या दूसरी स्वास्थ्य समस्या के कारण होते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर स्वयं कैंसर का निदान नहीं किया जा सकता।
अगर कोई लक्षण कुछ सप्ताह तक बना रहता है, बार-बार लौटता है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से मिलना बेहतर है। कुछ मामलों में शुरुआती जांच से समस्या का कारण जल्दी पता लगाया जा सकता है।
केवल लक्षणों या सामान्य blood test से कैंसर की निश्चित पुष्टि नहीं की जा सकती।
NCI के अनुसार, डॉक्टर आपकी medical history और physical examination के बाद जरूरत के अनुसार blood या urine tests, imaging scans और अन्य जांच कर सकते हैं। कई कैंसरों में biopsy यह निर्धारित करने का महत्वपूर्ण तरीका होती है कि वास्तव में cancer मौजूद है या नहीं।
कुछ कैंसर ऐसे हैं जिनके लिए screening tests उपलब्ध हैं और जिनसे बीमारी का पता लक्षण आने से पहले लगाया जा सकता है।
American Cancer Society के अनुसार, breast, cervical, colorectal, lung और prostate cancers के लिए कुछ परिस्थितियों में recommended screening tests उपलब्ध हैं। नियमित screening कुछ कैंसरों को शुरुआती चरण में पकड़ने में मदद कर सकती है, जब उनका उपचार अधिक सफल होने की संभावना होती है।
अपने शरीर में होने वाले बड़े और लगातार बदलावों को नजरअंदाज न करें।
बिना कारण वजन कम होना, लगातार थकान, नई गांठ, लंबे समय तक दर्द, लगातार खांसी, मल या पेशाब में खून, त्वचा में बदलाव या ऐसा घाव जो ठीक नहीं हो रहा हो—इनमें से किसी भी लक्षण का मतलब सीधे कैंसर नहीं है।
लेकिन अगर कोई बदलाव नया है और कुछ सप्ताह में ठीक नहीं होता, तो खुद से निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना सबसे समझदारी भरा कदम है।
जल्दी जांच का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता—लेकिन अगर कोई गंभीर समस्या मौजूद है, तो उसे जल्दी पहचानने का मौका जरूर मिलता है।
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