कई लोग दिनभर काम करने या लंबे समय तक खड़े रहने के बाद पैरों में हल्की सूजन महसूस करते हैं। अधिकांश मामलों में यह अस्थायी होती है और आराम करने के बाद कम हो जाती है। लेकिन यदि सूजन बार-बार हो, लंबे समय तक बनी रहे या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पैरों, टखनों या पिंडलियों में होने वाली लगातार सूजन को चिकित्सकीय भाषा में “एडेमा” कहा जाता है। यह तब होता है जब शरीर के ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हृदय, गुर्दे, यकृत या रक्त संचार संबंधी समस्याएँ शामिल हैं।
हृदय संबंधी समस्याओं का संकेत
जब हृदय शरीर में रक्त को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो तरल पदार्थ निचले अंगों में जमा होने लगते हैं। परिणामस्वरूप पैरों और टखनों में सूजन दिखाई दे सकती है। यदि सूजन के साथ सांस फूलना, अत्यधिक थकान या सीने में असहजता भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गुर्दों की खराब कार्यक्षमता
गुर्दे शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। जब उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकते हैं। ऐसे मामलों में पैरों की सूजन के साथ चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव या अत्यधिक थकान भी देखी जा सकती है।
यकृत और रक्त संचार की समस्याएँ
यकृत की कुछ बीमारियाँ शरीर में प्रोटीन के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे तरल पदार्थ ऊतकों में जमा होने लगते हैं। इसी प्रकार रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएँ भी पैरों में सूजन का कारण बन सकती हैं।
कैंसर से संबंध?
कुछ प्रकार के कैंसर या उनके उपचार के दौरान लिम्फ प्रणाली प्रभावित हो सकती है, जिससे शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। हालांकि पैरों में सूजन का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को निश्चित रूप से कैंसर है, लेकिन यदि सूजन लगातार बनी रहे और इसके साथ वजन कम होना, लगातार थकान या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो जांच करवाना महत्वपूर्ण है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि पैरों की सूजन के साथ निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है:
- सांस लेने में कठिनाई
- सीने में दर्द
- अचानक और गंभीर सूजन
- त्वचा का रंग बदलना
- लगातार दर्द या गर्माहट महसूस होना
- एक पैर में दूसरे की तुलना में अधिक सूजन
सूजन से बचाव के उपाय
विशेषज्ञ नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या खड़े रहने से बचने की सलाह देते हैं। नमक का अत्यधिक सेवन कम करना भी फायदेमंद हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शरीर द्वारा दिए गए संकेतों को नजरअंदाज न किया जाए। पैरों में सूजन हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन यह एक ऐसा लक्षण है जो शरीर के भीतर चल रही किसी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। समय पर जांच और उचित उपचार कई गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती पहचान और नियमित स्वास्थ्य जांच कई बीमारियों के सफल उपचार की कुंजी है। इसलिए यदि पैरों की सूजन बार-बार दिखाई दे रही है, तो इसे केवल थकान समझकर अनदेखा न करें।