पीठ के निचले हिस्से में दिखने वाले ये दो गड्ढे क्या हैं? जानिए ‘डिमपल्स ऑफ वीनस’ का सच
क्या आपने कभी पीठ के निचले हिस्से में इन दो गड्ढों को देखा है? मानव शरीर रहस्यों और अनोखी संरचनाओं…
क्या आपने कभी पीठ के निचले हिस्से में इन दो गड्ढों को देखा है?
मानव शरीर रहस्यों और अनोखी संरचनाओं से भरा हुआ है। हमारे शरीर पर कई ऐसे निशान या बनावट होती हैं, जो हर किसी में एक जैसी नहीं होतीं। ऐसी ही एक बेहद दिलचस्प शारीरिक संरचना है पीठ के निचले हिस्से (Lower Back) में दिखने वाले दो छोटे-छोटे गड्ढे। सोशल मीडिया पर अक्सर इन गड्ढों को लेकर कई तरह के दावे और रहस्यमयी बातें की जाती हैं।
वैज्ञानिक और चिकित्सा की भाषा में इन आकर्षक गड्ढों को ‘डिमपल्स ऑफ वीनस’ (Dimples of Venus) या ‘बैक डिमपल्स’ कहा जाता है। पुरुषों में होने पर इन्हें ‘डिमपल्स ऑफ अपोलो’ भी कहा जाता है। कई लोग इन्हें देखकर असमंजस में पड़ जाते हैं कि यह किसी कमजोरी की निशानी है या फिर किसी विशेष गुण की। आइए इस विस्तृत लेख में हम इस शारीरिक बनावट के पीछे के असली विज्ञान, इसके स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानेंगे।

पीठ के ये डिमपल्स कोई बीमारी या समस्या नहीं हैं, बल्कि यह एक सामान्य और प्राकृतिक शारीरिक संरचना है। ये गड्ढे ठीक उस जगह पर स्थित होते हैं जहां हमारी रीढ़ की हड्डी (Spines) और कूल्हे की हड्डी (Pelvis) आपस में मिलती हैं। इस जोड़ को ‘सैक्रोइलियाक जॉइंट’ (Sacroiliac Joint) कहा जाता है।
शारीरिक रचना (Anatomy) के अनुसार, इस स्थान पर त्वचा को हड्डियों से जोड़ने वाले लिगामेंट्स थोड़े छोटे और खिंचे हुए होते हैं। जब त्वचा के नीचे की यह छोटी सी मांसपेशी या लिगामेंट हड्डी को अंदर की तरफ खींचता है, तो बाहर की त्वचा पर एक खूबसूरत डिम्पल या गड्ढा बन जाता है। यह ठीक उसी तरह है जैसे मुस्कुराते समय कुछ लोगों के गालों पर डिम्पल पड़ते हैं।
अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या जिम जाकर या विशेष प्रकार की कसरत (Workouts) करके इन बैक डिमपल्स को पाया जा सकता है? इसका सीधा जवाब है—नहीं।
ये डिमपल्स पूरी तरह से आनुवंशिक (Genetic) होते हैं। इसका मतलब है कि यह आपकी जीन्स पर निर्भर करता है कि आपके शरीर में लिगामेंट्स की लंबाई और संरचना कैसी है। यदि आपके माता-पिता या परिवार में किसी की पीठ पर ये गड्ढे हैं, तो इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि ये आपके पास भी होंगे।
हालांकि, जिन लोगों के शरीर में ये डिमपल्स पहले से आनुवंशिक रूप से मौजूद होते हैं, लेकिन शरीर पर अतिरिक्त वसा (Body Fat) होने के कारण वे दिखाई नहीं देते, वे लोग वजन कम करके या पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को टोन करके इन्हें अधिक स्पष्ट बना सकते हैं। लेकिन अगर किसी के शरीर की बनावट में यह आनुवंशिक रूप से नहीं है, तो वे इसे किसी भी कसरत से कृत्रिम रूप से नहीं बना सकते।
इंटरनेट पर कई जगह यह दावा किया जाता है कि जिन लोगों की पीठ पर ये गड्ढे होते हैं, उनका स्वास्थ्य बहुत असाधारण होता है या उनका रक्त प्रवाह (Blood Circulation) दूसरों से काफी बेहतर होता है। आइए इसके पीछे की सच्चाई को समझते हैं:
कुछ लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में लिगामेंट्स की विशेष स्थिति के कारण पेल्विक एरिया (Pelvic Area) में रक्त संचार बेहतर होता है। हालांकि, चिकित्सा विज्ञान के पास इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि इन डिमपल्स वाले लोगों का समग्र स्वास्थ्य या रक्त प्रवाह आम लोगों की तुलना में अलग होता है।
व्यावहारिक रूप से, ये डिमपल्स केवल तभी स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं जब शरीर में फैट का प्रतिशत (Body Fat Percentage) कम होता है और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यही कारण है कि एथलीटों, योग करने वालों और फिट लोगों में यह अधिक साफ नजर आता है। इसलिए इसे एक अच्छी फिटनेस लाइफस्टाइल का सूचक जरूर माना जा सकता है।
प्राचीन काल से ही इन गड्ढों को सुंदरता और आकर्षण से जोड़कर देखा जाता रहा है। इसका नाम ‘वीनस’ भी सौंदर्य और प्रेम की रोमन देवी (Roman Goddess of Beauty) के नाम पर रखा गया है।
दुनिया के कई हिस्सों में इसे अच्छी किस्मत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। हालांकि, ये सभी बातें केवल धारणाओं और लोक कथाओं पर आधारित हैं। विज्ञान की दृष्टि से यह केवल त्वचा और हड्डियों के बीच का एक सुंदर भौगोलिक जुड़ाव है, जो कुछ लोगों को प्रकृति की ओर से उपहार में मिलता है।
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यदि आपकी या आपके किसी परिचित की पीठ पर ये दो गड्ढे मौजूद हैं, तो आपको किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यह किसी स्वास्थ्य समस्या या कमजोरी का संकेत बिल्कुल नहीं है। यह पूरी तरह से एक सामान्य, आनुवंशिक और हानिरहित शारीरिक विशेषता है, जो आपकी शारीरिक संरचना को अद्वितीय बनाती है। इसे अपनी फिटनेस और प्राकृतिक बनावट का एक खूबसूरत हिस्सा मानें और स्वस्थ जीवनशैली का आनंद लें।
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