हाथों की त्वचा का अत्यधिक फटना और छिलना: यह सिर्फ रूखापन नहीं, बल्कि शरीर का एक बड़ा संकेत हो सकता है
हाथों की अत्यधिक पपड़ीदार त्वचा शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य का संकेत हो सकती है। जब हमारी हथेलियों की त्वचा अचानक…
हाथों की अत्यधिक पपड़ीदार त्वचा शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य का संकेत हो सकती है।
जब हमारी हथेलियों की त्वचा अचानक अत्यधिक रूखी, खुरदरी, फटने लगे या उसकी परतें तेजी से छिलकर निकलने लगें, तो अधिकतर लोग इसे मौसम का बदलाव या साधारण शुष्कता समझकर अनदेखा कर देते हैं। लोग बार-बार कोई साधारण मॉइस्चराइजर या कोल्ड क्रीम लगाकर इसे ठीक करने का प्रयास करते हैं। हालांकि, यदि त्वचा की ऊपरी परत मोटी होकर पपड़ी के रूप में निकलने लगे, हाथ की लकीरें गहरी होकर कटने लगें या जलन और खुजली महसूस हो, तो यह केवल सामान्य शुष्कता नहीं है।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, हथेलियों की ऐसी गंभीर स्थिति अक्सर त्वचा से जुड़ी विशिष्ट समस्याओं (जैसे हैंड एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, सोरायसिस या फंगल संक्रमण) अथवा शरीर के भीतर जरूरी पोषक तत्वों की कमी और हार्मोनल असंतुलन का स्पष्ट संकेत होती है। यदि समय रहते इसके मूल कारण को न पहचाना जाए, तो त्वचा की सुरक्षात्मक परत (Skin Barrier) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है।

जब हाथों की त्वचा की स्थिति चित्र में दिखाए अनुसार गंभीर हो जाती है, तो इसके पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण सक्रिय होते हैं:
यह समस्या तब होती है जब त्वचा की प्राकृतिक नमी बनाए रखने वाली लिपिड परत कमजोर हो जाती है। एक्सफोलिएटिव केराटोलाइसिस में उंगलियों और हथेलियों पर छोटे-छोटे पानी रहित बुलबुले बनते हैं, जो फूटने के बाद गोल-गोल छल्लों के रूप में छिलने लगते हैं। इसके कारण हथेलियां बेहद संवेदनशील और लाल हो जाती हैं।
दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले तेज साबुन, डिशवॉश बार, कपड़े धोने के डिटर्जेंट, फ्लोर क्लीनर, सैनिटाइजर या हैंड वॉश में मौजूद कठोर रसायन त्वचा के प्राकृतिक तेल को पूरी तरह सोख लेते हैं। बार-बार इनके संपर्क में आने से त्वचा में एलर्जी पैदा होती है, जिससे हाथ की त्वचा मोटी, खुरदरी और पपड़ीदार बन जाती है।
कई बार हाथों का छिलना किसी फंगल इन्फेक्शन के कारण होता है। इस स्थिति की खास पहचान यह है कि यह अक्सर केवल एक हाथ पर ज्यादा गंभीर रूप से दिखाई देती है। इसमें हथेलियों पर हल्की सफेद या लाल रंग की पपड़ियां जमती हैं और लगातार हल्की खुजली बनी रहती है।
सोरायसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा की कोशिकाएं बहुत तेजी से बनने लगती हैं। जब यह हथेलियों को प्रभावित करता है, तो त्वचा पर चांदी जैसी चमकदार, मोटी और सख्त पपड़ीदार परतें बन जाती हैं। यह परतें खिंचने पर गहरी दरारें बन जाती हैं, जिनसे काम करने में भी अत्यधिक असुविधा होती है।
हमारे शरीर की बाहरी त्वचा आंतरिक पोषण का आईना होती है। शरीर में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स (विशेषकर विटामिन बी3 या नियासिन), विटामिन ए, विटामिन सी और जिंक की कमी होने पर त्वचा की कोशिकाएं अपनी मरम्मत करने की क्षमता खो देती हैं। पानी की कमी (गंभीर डिहाइड्रेशन) भी त्वचा के लचीलेपन को समाप्त कर देती है।
यह जानना बेहद आवश्यक है कि आपके हाथों का रूखापन साधारण है या किसी अंदरूनी समस्या का परिणाम:

यदि आपके हाथ ऐसी स्थिति से गुजर रहे हैं, तो इन सुरक्षित और प्राकृतिक उपायों को अपनाकर त्वचा को दोबारा कोमल और स्वस्थ बनाया जा सकता है:
हाथों को 5 मिनट के लिए हल्के गुनगुने पानी में डुबोकर रखें। इसके तुरंत बाद तौलिए से हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं (रगड़ें नहीं)। जब त्वचा हल्की नम हो, तभी गाढ़ा मॉइस्चराइजर या वैसलीन पेट्रोलियम जेली की मोटी परत लगाएं और ऊपर से सूती (कॉटन) दस्ताने पहन लें।
बाहरी देखभाल के साथ-साथ शरीर को भीतर से पोषण देना अत्यंत महत्वपूर्ण है:
हाथों की त्वचा छिलने के दौरान अक्सर लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे समस्या और बढ़ जाती है:
प्रश्न 1: क्या मौसम बदलने पर हाथों की चमड़ी का निकलना सामान्य है?
उत्तर: मौसम बदलने, विशेषकर सर्दियों या अत्यधिक गर्मी में हल्की शुष्कता सामान्य है। लेकिन यदि त्वचा की मोटी परतें उतरने लगें और लालिमा बढ़ जाए, तो यह त्वचा के बैरियर के डैमेज होने का संकेत है।
प्रश्न 2: हाथों के लिए सबसे अच्छा मॉइस्चराइजर कौन सा होता है?
उत्तर: सेरामाइड्स (Ceramides), शिया बटर या शुद्ध पेट्रोलियम जेली युक्त गाढ़े और खुशबू-रहित ऑइंटमेंट सबसे अधिक सुरक्षित और असरदार माने जाते हैं।
प्रश्न 3: किस स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना अनिवार्य हो जाता है?
उत्तर: यदि घरेलू देखभाल के बावजूद 2 सप्ताह तक स्थिति में कोई सुधार न दिखे, हाथों में अत्यधिक दर्द होने लगे या त्वचा से पानी जैसा रिसाव होने लगे, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
हाथों की त्वचा हमारे शरीर की पहली रक्षा पंक्ति है। जब हथेलियां लगातार फटने या छिलने लगें, तो इसे केवल एक कॉस्मेटिक समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर सही देखभाल, पोषण और सावधानी बरतकर आप अपने हाथों को दोबारा स्वस्थ, कोमल और सुरक्षित बना सकते हैं।
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