Other

पति-पत्नी दोनों को हुआ लिवर कैंसर, डॉक्टर ने फ्रिज में ही खोज निकाला “असली कारण”: बोले—“दूध कभी भी इस तरह मत पीजिए”

एक ही परिवार के पति-पत्नी को लगभग एक साथ लिवर कैंसर होने का पता चला तो पूरा परिवार सदमे में आ गया। दोनों न तो शराब पीते थे और न ही उन्हें पहले हेपेटाइटिस जैसी कोई गंभीर बीमारी थी। डॉक्टरों ने जब उनके खान-पान और रोजमर्रा की आदतों के बारे में विस्तार से पूछताछ की, तो उन्हें एक ऐसी आदत के बारे में पता चला जो वर्षों से उनके फ्रिज में चली आ रही थी।

डॉक्टर ने कहा कि दूध को गलत तरीके से स्टोर करना और एक्सपायर होने के बाद भी इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

10 साल तक सस्ता दूध खरीदकर फ्रिज में भरते रहे

चीन में रहने वाले 50 वर्ष से अधिक उम्र के श्री ली और उनकी पत्नी हमेशा से बेहद बचत करने वाले लोग थे। बच्चों और परिवार के लिए पैसे बचाने के उद्देश्य से वे खाने-पीने की चीजें भी अक्सर सस्ती कीमत पर खरीदते थे।

दोनों की एक खास आदत थी—वे हमेशा एक्सपायरी डेट के बेहद करीब पहुंच चुके दूध को डिस्काउंट पर खरीदते थे। सस्ता मिलने पर वे एक साथ बड़ी मात्रा में दूध खरीदकर फ्रिज में रख देते और धीरे-धीरे उसका इस्तेमाल करते रहते।

उनका मानना था कि दूध पहले से प्रोसेस या स्टरलाइज किया हुआ है, इसलिए अगर उसकी एक्सपायरी डेट निकल भी जाए तो कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। वे अक्सर सोचते थे कि दूध को दोबारा गर्म करके पीने से वह फिर से सुरक्षित हो जाएगा।

लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, यह सोच बेहद खतरनाक हो सकती है।

पहले दिखाई देने लगे थे लिवर की बीमारी के संकेत

करीब दो साल पहले श्री ली को धीरे-धीरे कमजोरी महसूस होने लगी थी। उनकी भूख कम हो गई थी और त्वचा का रंग भी पहले की तुलना में अधिक मटमैला दिखाई देने लगा था।

उन्हें अक्सर बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर में खुजली भी होती थी।

लेकिन उन्होंने इन संकेतों को उम्र बढ़ने का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर दिया।

समय बीतने के साथ उनकी परेशानी बढ़ती गई। उन्हें पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द रहने लगा। कभी-कभी मतली महसूस होती और दाहिने कंधे में भी अजीब तरह का दर्द होता था।

परिवार के लोगों ने कई बार उन्हें अस्पताल जाकर जांच कराने के लिए कहा, लेकिन वे खर्च बचाने के लिए टालते रहे।

आखिरकार जब उनकी जांच हुई तो डॉक्टरों ने बताया कि उनके लिवर में 4 सेंटीमीटर से अधिक का एक घातक ट्यूमर पाया गया है।

जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को भी जांच कराने की सलाह दी।

नतीजा और भी चौंकाने वाला था।

उनकी पत्नी के लिवर में भी एक ट्यूमर पाया गया।

डॉक्टरों ने पूछा—आप दोनों दूध कैसे पीते हैं?

जब डॉक्टरों ने पति-पत्नी की जीवनशैली और खाने की आदतों के बारे में विस्तार से जानकारी ली, तो उन्हें दूध से जुड़ी उनकी पुरानी आदत के बारे में पता चला।

दोनों लगभग 10 वर्षों से सस्ता, एक्सपायरी के करीब पहुंच चुका दूध खरीदते थे।

कई बार दूध की डेट निकलने के बाद भी वे उसे फेंकते नहीं थे।

उनका तरीका था:

  • दूध को बड़ी मात्रा में खरीदकर फ्रिज में रखना
  • एक्सपायर होने के बाद भी इस्तेमाल करना
  • खुले हुए दूध को लंबे समय तक रखना
  • दूध को बार-बार गर्म करना
  • यह मानना कि उबालने से दूध फिर से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा

डॉक्टर ने उन्हें चेतावनी दी:

“दूध को कभी भी इस तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”

एक्सपायर और खराब दूध शरीर के लिए क्यों खतरनाक हो सकता है?

समय बीतने के साथ दूध की गुणवत्ता खराब हो सकती है। खासकर यदि उसे सही तापमान पर स्टोर न किया गया हो या पैकेट खुलने के बाद लंबे समय तक रखा गया हो।

खराब दूध में हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं।

कुछ मामलों में दूध में ऐसे बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं जो फूड पॉइजनिंग और गंभीर संक्रमण का कारण बनते हैं।

खराब या दूषित भोजन शरीर में जाने के बाद लिवर सहित कई अंगों पर दबाव डाल सकता है।

लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर में पहुंचने वाले कई हानिकारक पदार्थों को प्रोसेस करने और बाहर निकालने में भूमिका निभाता है।

इसलिए लंबे समय तक खराब गुणवत्ता वाला या दूषित भोजन और पेय लेना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

सिर्फ गर्म करने से हर चीज सुरक्षित नहीं हो जाती

कई लोग सोचते हैं कि अगर दूध खराब हो गया है तो उसे अच्छी तरह उबालकर फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन यह आदत हमेशा सुरक्षित नहीं मानी जाती।

दूध को गर्म करने से कुछ जीवाणु कम हो सकते हैं, लेकिन खराब हो चुके भोजन को दोबारा गर्म करके पूरी तरह सुरक्षित बना देना संभव नहीं माना जाना चाहिए।

इसलिए अगर दूध की गंध बदल गई हो, उसका स्वाद असामान्य हो, उसमें गांठें पड़ गई हों या पैकेट लंबे समय से खुला पड़ा हो, तो उसे पीने से बचना चाहिए।

फ्रिज साफ न रखना भी एक समस्या बन सकता है

श्री ली के घर का फ्रिज अक्सर खाने-पीने की चीजों से भरा रहता था और उसकी नियमित सफाई नहीं की जाती थी।

फ्रिज में कई तरह के खाद्य पदार्थ एक साथ रखे जाते थे।

कुछ पुराने थे।

कुछ खुले हुए थे।

कुछ खराब होने लगे थे।

ऐसी स्थिति में खाद्य पदार्थों के बीच क्रॉस-कंटैमिनेशन यानी एक भोजन से दूसरे भोजन में दूषित पदार्थ पहुंचने का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए फ्रिज को केवल चीजें लंबे समय तक रखने की जगह नहीं समझना चाहिए।

फ्रिज समय को रोक नहीं सकता और न ही हर खाद्य पदार्थ को हमेशा के लिए सुरक्षित रख सकता है।

दूध पीते समय होने वाली 5 आम गलतियां

1. एक्सपायर या लंबे समय से रखा दूध पीना

बहुत से लोग केवल पैसे बचाने के लिए दूध की एक्सपायरी निकलने के बाद भी उसे पीते रहते हैं।

लेकिन अगर दूध की गुणवत्ता में बदलाव आ चुका हो तो उसे इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।

सिर्फ इसलिए कि दूध फ्रिज में रखा हुआ था, यह मान लेना सही नहीं है कि वह हमेशा सुरक्षित रहेगा।

2. दूध को बार-बार गर्म करना

कुछ लोग दूध को गर्म करते हैं, थोड़ा पीते हैं और बाकी फिर से फ्रिज में रख देते हैं।

बाद में उसे दोबारा गर्म किया जाता है।

यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जाती है।

बार-बार गर्म करने और फिर ठंडा करने से दूध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और गलत तरीके से हैंडलिंग करने पर दूषित होने का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए जितना दूध पीना हो, उतना ही अलग करके गर्म करना बेहतर माना जाता है।

3. दूध को बहुत तेज आंच पर गर्म करना

दूध को जरूरत से ज्यादा गर्म करने से उसका स्वाद और संरचना बदल सकती है।

कुछ पोषक तत्व भी गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं।

दूध गर्म करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और पैकेज पर दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

4. दूध को जरूरत से ज्यादा गाढ़ा बनाना

कुछ लोग सोचते हैं कि ज्यादा पाउडर डालकर बनाया गया गाढ़ा दूध अधिक पौष्टिक होता है।

लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।

पाउडर दूध या किसी भी फॉर्मूला को हमेशा पैकेज पर दिए गए अनुपात के अनुसार तैयार करना चाहिए।

बहुत अधिक गाढ़ा दूध पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकता है।

5. दूध को पानी का विकल्प मान लेना

दूध एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, लेकिन यह साधारण पानी का विकल्प नहीं है।

शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की भी आवश्यकता होती है।

संतुलित आहार में दूध, पानी, फल, सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों का उचित स्थान होना चाहिए।

लिवर की सेहत के लिए किन खाद्य आदतों से बचना चाहिए?

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए केवल एक खाद्य पदार्थ पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। रोजमर्रा की कई आदतें महत्वपूर्ण होती हैं।

1. फफूंद लगे खाद्य पदार्थ खाना

अगर किसी भोजन पर फफूंद दिखाई दे रही है, तो केवल दिखाई देने वाला हिस्सा काटकर बाकी खाना हमेशा सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

विशेष रूप से नरम और पानी वाले खाद्य पदार्थों में फफूंद अंदर तक फैल सकती है।

2. लंबे समय से रखे बचे हुए भोजन का बार-बार इस्तेमाल

बचे हुए भोजन को सही तरीके से ठंडा और स्टोर करना जरूरी है।

कई दिनों तक रखा भोजन या बार-बार गर्म किया गया भोजन खाने से पहले उसकी सुरक्षा और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।

3. खराब या बासी तेल का इस्तेमाल

तेल को लंबे समय तक खुला छोड़ना या एक ही तेल को बार-बार अत्यधिक गर्म करना उसकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

अगर तेल की गंध या स्वाद बदल गया हो, तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

4. अत्यधिक शराब का सेवन

अत्यधिक शराब लिवर की बीमारियों का एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।

लंबे समय तक अधिक मात्रा में शराब पीने से लिवर को गंभीर नुकसान हो सकता है।

5. नमी और फफूंद लगे अनाज या मेवे खाना

मूंगफली, मक्का, चावल, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए।

अगर इनमें फफूंद, असामान्य गंध या खराब होने के संकेत दिखाई दें तो इन्हें खाने से बचना चाहिए।

दूध को सही तरीके से कैसे रखें?

दूध की सुरक्षा के लिए कुछ आसान नियम अपनाए जा सकते हैं:

  • हमेशा एक्सपायरी डेट जांचें।
  • पैकेट पर दिए गए स्टोरेज निर्देश पढ़ें।
  • खुला हुआ दूध लंबे समय तक न रखें।
  • दूध को साफ और सही तापमान वाले फ्रिज में रखें।
  • खराब गंध, स्वाद या बनावट वाले दूध को न पिएं।
  • दूध को बार-बार गर्म करने से बचें।
  • फ्रिज की नियमित सफाई करें।
  • पुराने और नए खाद्य पदार्थों को व्यवस्थित रखें।
  • संदिग्ध या खराब भोजन को फेंकने में संकोच न करें।

याद रखें

फ्रिज भोजन को हमेशा के लिए सुरक्षित रखने वाली जगह नहीं है।

किसी खाद्य पदार्थ को फ्रिज में रख देने का मतलब यह नहीं कि वह खराब नहीं होगा। समय, तापमान, पैकेजिंग और स्वच्छता—सभी चीजें भोजन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

पैसे बचाना अच्छी बात है, लेकिन स्वास्थ्य की कीमत पर बचत करना महंगा साबित हो सकता है।

अगर आपके फ्रिज में लंबे समय से खुला हुआ दूध, खराब गंध वाले खाद्य पदार्थ या एक्सपायर हो चुके उत्पाद पड़े हैं, तो उन्हें एक बार ध्यान से जांचें।

सुरक्षित भोजन की आदतें अपनाना ही परिवार और लिवर की सेहत की बेहतर सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम है।

-

You Might Also Enjoy