थायराइड को स्वस्थ रखने के लिए आज ही छोड़ें ये 6 चीजें, वरना बढ़ सकती है परेशानी
थायराइड ग्रंथि को स्वस्थ रखने के आसान उपाय जानें। हमारे गले के निचले हिस्से में तितली के आकार की एक…
थायराइड ग्रंथि को स्वस्थ रखने के आसान उपाय जानें।
हमारे गले के निचले हिस्से में तितली के आकार की एक छोटी सी ग्रंथि होती है, जिसे हम थायराइड (Thyroid) के नाम से जानते हैं। आकार में भले ही यह ग्रंथि बहुत छोटी हो, लेकिन हमारे पूरे शरीर को सुचारू रूप से चलाने में इसकी भूमिका बहुत बड़ी होती है। यह ग्रंथि जो हार्मोन बनाती है, वह हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा के स्तर, दिल की धड़कन और यहाँ तक कि हमारे मूड को भी नियंत्रित करता है। आज के समय में गलत खान-पान और असंतुलित जीवनशैली के कारण थायराइड से जुड़ी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं।

जब थायराइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती, तो यह या तो बहुत अधिक हार्मोन बनाने लगती है या फिर बहुत कम। इन दोनों ही स्थितियों में शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है। बहुत से लोग यह नहीं जानते कि हमारे द्वारा खाया जाने वाला भोजन सीधे तौर पर हमारी थायराइड ग्रंथि को प्रभावित करता है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें अनजाने में हम रोज खाते हैं, लेकिन वे इस ग्रंथि के कामकाज में बाधा डालते हैं।
यदि आप अपने थायराइड को हमेशा स्वस्थ रखना चाहते हैं या पहले से ही इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको अपने आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस लेख में हम आपको ऐसे 6 खाद्य पदार्थों के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिनका अत्यधिक सेवन आपकी थायराइड ग्रंथि को नुकसान पहुँचा सकता है, और साथ ही यह भी जानेंगे कि इसकी जगह आपको क्या खाना चाहिए।
थायराइड की समस्या को गहराई से जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह हमारे शरीर में कैसे काम करती है। थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से दो हार्मोन बनाती है – T3 (Triiodothyronine) और T4 (Thyroxine)। जब इन हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है, तो मुख्य रूप से दो प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं:
इन दोनों ही स्थितियों में खान-पान का सही होना बेहद आवश्यक है ताकि ग्रंथि पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
यहाँ उन 6 प्रमुख चीजों की सूची दी गई है जिनका सेवन आपको सीमित कर देना चाहिए या पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए यदि आप अपनी थायराइड ग्रंथि की रक्षा करना चाहते हैं:
सोयाबीन, सोया मिल्क, टोफू और सोया चंक्स सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन थायराइड के मरीजों के लिए इनका अत्यधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है। सोया में ‘आइसोफ्लेवोन्स’ (Isoflavones) नामक तत्व पाया जाता है।
यह तत्व शरीर में आयोडीन के अवशोषण को रोक सकता है। चूंकि थायराइड ग्रंथि को हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है, इसलिए सोया का अधिक सेवन हाइपोथायरायडिज्म की समस्या को और बढ़ा सकता है। यदि आप थायराइड की दवा लेते हैं, तो दवा खाने के तुरंत बाद सोया उत्पादों का सेवन बिल्कुल न करें।

इस श्रेणी में बंदगोभी (Cauliflower), फूलगोभी (Broccoli), पत्तागोभी (Cabbage) और केल (Kale) जैसी हरी सब्जियां आती हैं। इन सब्जियों में ‘गोइतोगेंस’ (Goitrogens) नामक यौगिक होते हैं, जो थायराइड ग्रंथि की आयोडीन का उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप इन्हें खाना पूरी तरह बंद कर दें। यदि आप इन्हें अच्छी तरह पकाकर या उबालकर खाते हैं, तो गोइतोगेंस का असर काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिए इन्हें कच्चा (जैसे सलाद में) खाने से बचें।
चिप्स, कुकीज, फ्रोजन मील और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में सोडियम (नमक) और अस्वस्थकर वसा की मात्रा बहुत अधिक होती है। जिन लोगों को थायराइड की समस्या होती है, उन्हें उच्च रक्तचाप और वजन बढ़ने का खतरा पहले से ही अधिक होता है।
अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर में सूजन बढ़ती है और यह थायराइड हार्मोन के संतुलन को पूरी तरह से बिगाड़ सकता है। हमेशा ताजा और घर का बना खाना ही प्राथमिकता में रखें।
रिफाइंड चीनी से बनी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां, केक और पेस्ट्री हमारे मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती हैं। थायराइड की समस्या में शरीर पहले से ही ऊर्जा का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता।
जब आप बहुत अधिक चीनी का सेवन करते हैं, तो शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे थकान और वजन बढ़ने की समस्या दोगुनी तेजी से होती है। चीनी की जगह आप सीमित मात्रा में गुड़ या शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है जो गेहूं, जौ और राई जैसे अनाजों में पाया जाता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों को ऑटोइम्यून थायराइड की समस्या होती है, उनके लिए ग्लूटेन नसों और पाचन तंत्र में सूजन का कारण बन सकता है।
यदि आपको लगता है कि गेहूं से बनी चीजें खाने के बाद आपको पेट में भारीपन या थकान महसूस होती है, तो कुछ समय के लिए ग्लूटेन-मुक्त (Gluten-free) विकल्प जैसे बाजरा, रागी या चावल अपनाकर देखें।

सुबह की एक कप चाय या कॉफी ऊर्जा दे सकती है, लेकिन दिनभर में बार-बार कैफीन का सेवन करना थायराइड ग्रंथि के लिए ठीक नहीं है। कैफीन और शराब हमारे शरीर में थायराइड की दवाओं के असर को कम कर देते हैं।
इसके अलावा, ये शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल को सक्रिय करते हैं, जो थायराइड ग्रंथि के कामकाज को सीधे प्रभावित करता है। रात के समय इनके सेवन से नींद की गुणवत्ता भी खराब होती है।
नुकसानदेह चीजों को छोड़ने के साथ-साथ सही पोषक तत्वों को आहार में शामिल करना भी उतना ही जरूरी है:
सिर्फ खान-पान ही नहीं, बल्कि आपकी दैनिक आदतें भी थायराइड को प्रभावित करती हैं। हर दिन कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें, क्योंकि नींद के दौरान ही हमारा शरीर हार्मोन को संतुलित करता है। इसके साथ ही, रोज 20 से 30 मिनट का हल्का व्यायाम या योग (जैसे प्राणायाम और सर्वांगासन) थायराइड ग्रंथि को सक्रिय रखने में बेहद मददगार साबित होता है। तनाव को दूर रखने के लिए ध्यान का सहारा लें।
अपने शरीर के संकेतों को समझें और सही खान-पान अपनाकर एक स्वस्थ जीवन जिएं। यदि आपको लगातार थकान या वजन में अचानक बदलाव दिखे, तो चिकित्सक से परामर्श कर समय पर थायराइड की जांच अवश्य करवाएं।
थायराइड ग्रंथि को स्वस्थ रखने के आसान उपाय जानें। हमारे गले के निचले हिस्से में तितली के आकार की एक…
सोते समय नसों को ठीक करने का आसान तरीका जानें। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खान-पान और शारीरिक सक्रियता…
— लो, अपनी दादी को संभालो। घर की सबसे समझदार लड़की बनती हो न, कम से कम जीवन में एक…
जानिए बाइक हैंडल के छोर पर लगे इस छोटे से हिस्से के सुरक्षात्मक फायदे। अगर आप मोटरसाइकिल या स्कूटी चलाते…
रात में बेहतर नींद और ब्लड शुगर को संतुलित रखने के आसान उपाय। क्या आपकी नींद भी रात में बार-बार…
“इस विमान में 156 लोग हैं, और कॉकपिट में दोनों पायलटों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।” रात 2…