28 वर्षीय युवक की चिकन खाने के बाद मौत, डॉक्टरों ने बताया फ्रिज में खाना रखने की एक बड़ी गलती
28 वर्षीय युवक ने रात के खाने में बड़ी मात्रा में बचा हुआ चिकन खाया। इसके बाद उसे बुखार और सिरदर्द हुआ, लेकिन उसने अस्पताल जाने के बजाय खुद दवाइयां ले लीं। कुछ दिनों बाद उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने बचे हुए भोजन को स्टोर करने और खाने के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
चीन के शेडोंग प्रांत के 28 वर्षीय मा नाम के युवक की कहानी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। वह जल्द ही शादी करने वाला था और अपने जीवन के एक नए दौर की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा था। लेकिन शादी के दिन ही उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कुछ ही दिनों बाद, तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी मौत हो गई।
बताया गया कि उसकी तबीयत खराब होने की शुरुआत एक ऐसे भोजन के बाद हुई थी जिसे उसने रात भर रखा हुआ था।

रात भर रखा चिकन खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
रिपोर्ट के अनुसार, 29 अप्रैल की शाम मा ने बड़ी मात्रा में रात भर रखा हुआ चिकन खाया था। भोजन करने के कुछ समय बाद ही उसे बुखार और सिरदर्द की शिकायत होने लगी।
हालांकि, उसने तुरंत अस्पताल जाने का फैसला नहीं किया।
इसके बजाय उसने खुद से एमोक्सिसिलिन, इबुप्रोफेन और एक पारंपरिक हर्बल दवा का सेवन किया। दवाइयों से उसका बुखार कुछ समय के लिए कम जरूर हुआ, लेकिन शरीर के अंदर समस्या खत्म नहीं हुई।
दिन बीतने के साथ उसकी हालत लगातार खराब होती गई।
7 मई तक उसका पेट फूलने लगा, शरीर बेहद कमजोर हो गया और धीरे-धीरे वह होश खोने लगा।
अस्पताल पहुंचने तक हालत हो चुकी थी बेहद गंभीर
जब मा को अस्पताल ले जाया गया, तब डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उसे गंभीर लिवर फेलियर और हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी की समस्या थी।
बाद में उसे एक अन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को संभालने की पूरी कोशिश की।
बताया गया कि वह लिवर फेलियर, हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी और एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था।
डॉक्टरों ने गहन उपचार और प्लाज्मा एक्सचेंज सहित कई चिकित्सा उपाय किए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
15 मई को 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
उसे बचाने के लिए लोगों ने किया बड़ी संख्या में रक्तदान
मा की हालत इतनी गंभीर थी कि उसके इलाज के दौरान प्रतिदिन 3,000 मिलीलीटर से अधिक रक्त की आवश्यकता पड़ रही थी।
परिवार के लिए इतनी बड़ी मात्रा में रक्त की व्यवस्था करना आसान नहीं था। इसके बाद स्थानीय रेड क्रॉस से मदद मांगी गई।
मदद की अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग सामने आए।
रिपोर्ट के अनुसार, अगले दिन 36 लोग रक्तदान करने पहुंचे और लगभग 6,000 मिलीलीटर रक्त एकत्र किया गया। इसके बाद 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने भी मदद के लिए आगे आकर रक्तदान किया।
लोगों ने आर्थिक रूप से भी परिवार की सहायता की।
लेकिन समुदाय और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद मा की जान नहीं बचाई जा सकी।
आखिर फ्रिज में रखे भोजन के साथ क्या गलती हो सकती है?
इस घटना ने एक बार फिर भोजन को सही तरीके से स्टोर करने की अहमियत पर ध्यान दिलाया है।
बहुत से लोग मानते हैं कि किसी भी भोजन को फ्रिज में रख देने से वह पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है। लेकिन वास्तव में भोजन की सुरक्षा कई बातों पर निर्भर करती है।
उदाहरण के लिए:
- खाना पकाने के बाद कितनी देर तक बाहर रखा गया
- उसे किस तापमान पर स्टोर किया गया
- फ्रिज का तापमान कितना था
- भोजन को दोबारा गर्म करने का तरीका क्या था
- भोजन कितने समय से रखा हुआ था
- चिकन या अन्य मांस पहले से पूरी तरह पकाया गया था या नहीं
अगर पका हुआ भोजन लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा जाए, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
इसके बाद उसे फ्रिज में रखने से भी हर जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

बचा हुआ चिकन फ्रिज में कैसे रखें?
चिकन और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों के मामले में सावधानी बेहद जरूरी है।
पका हुआ चिकन खाने के बाद अगर बच जाए, तो उसे लंबे समय तक बाहर नहीं छोड़ना चाहिए। भोजन को उचित तरीके से ठंडा करके समय पर रेफ्रिजरेटर में रखना चाहिए।
इसे ढक्कन वाले साफ कंटेनर में रखना बेहतर होता है।
इसके अलावा, फ्रिज में कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग रखना भी जरूरी है ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा कम हो सके।
सिर्फ बदबू देखकर भोजन को सुरक्षित न मानें
यह भी एक बड़ी गलती है जो कई लोग करते हैं।
कुछ लोग भोजन को सूंघकर या उसका रंग देखकर तय करते हैं कि वह खाने योग्य है या नहीं। लेकिन हर प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया या उनके प्रभाव से भोजन की गंध और स्वाद में तुरंत बदलाव नहीं आता।
इसलिए अगर किसी भोजन के स्टोर करने के तरीके या उसकी ताजगी को लेकर संदेह हो, तो उसे खाने से बचना बेहतर हो सकता है।
खासकर चिकन, मांस, समुद्री भोजन, अंडे और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के साथ अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
खाने के बाद बुखार या उल्टी हो तो नजरअंदाज न करें
मा की कहानी में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है।
भोजन के बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी थी। उसे बुखार और सिरदर्द हुआ, लेकिन उसने तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय खुद दवाइयां लेना शुरू कर दिया।
कुछ मामलों में पेट खराब होना या हल्की असुविधा अपने आप ठीक हो सकती है। लेकिन अगर लक्षण गंभीर हों या लगातार बिगड़ते जाएं, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासकर इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है:
- लगातार या तेज बुखार
- बार-बार उल्टी
- गंभीर पेट दर्द
- अत्यधिक कमजोरी
- पेट का असामान्य रूप से फूलना
- बेहोशी या भ्रम की स्थिति
- लगातार दस्त
- शरीर में पानी की गंभीर कमी
ऐसे लक्षणों में जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।
डॉक्टरों की चेतावनी: भोजन को सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी
इस दुखद घटना को लेकर रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि रात भर रखा गया भोजन, संभावित रूप से दूषित चिकन या भोजन को सही तरीके से स्टोर न करना गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।
हालांकि, किसी एक कारण को बिना विस्तृत चिकित्सा जांच के निश्चित रूप से जिम्मेदार ठहराना आसान नहीं है।
फिर भी यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक देती है—फ्रिज भोजन को हमेशा के लिए सुरक्षित नहीं बनाता।
भोजन को सही समय पर रेफ्रिजरेट करना, उचित तापमान बनाए रखना, संदिग्ध भोजन को न खाना और गंभीर लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहद महत्वपूर्ण है।
एक छोटी सी लापरवाही कभी-कभी गंभीर बन सकती है
रात के खाने का बचा हुआ चिकन या अन्य भोजन अक्सर अगले दिन खाने के लिए फ्रिज में रख दिया जाता है। यह एक सामान्य आदत है।
लेकिन भोजन को कितनी देर बाहर रखा गया, किस तरह स्टोर किया गया और कब दोबारा खाया जा रहा है—ये बातें भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
28 वर्षीय मा की दुखद कहानी इस बात की याद दिलाती है कि भोजन से जुड़ी सुरक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
अगर भोजन की ताजगी या सुरक्षा को लेकर जरा भी संदेह हो, तो उसे खाने का जोखिम लेने के बजाय सावधानी बरतना बेहतर है।
