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58 वर्षीय व्यक्ति ने कैंसर को रोकने के लिए रोज़ कच्चा लहसुन खाया: 6 महीने बाद जांच में आया चौंकाने वाला नतीजा

लहसुन सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए उपयोगी खाद्य पदार्थ भी है। लेकिन इसका गलत तरीके से सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

कैंसर से बचाव के लिए लहसुन खाना

चीन के बीजिंग में रहने वाले 58 वर्षीय वांग जुन को पेट के कैंसर का पता चला था। ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी और समय पर इलाज के बाद उनकी सेहत धीरे-धीरे ठीक होने लगी। लेकिन कैंसर दोबारा होने की संभावना को लेकर वह बेहद चिंतित रहते थे।

अपनी सेहत की रक्षा करने और बीमारी को दोबारा होने से रोकने के लिए उन्होंने अलग-अलग स्रोतों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां जुटानी शुरू कीं। काफी समय तक जानकारी पढ़ने और शोध करने के बाद उन्हें लहसुन के संभावित फायदों के बारे में पता चला।

कुछ अध्ययनों में यह बताया गया था कि लहसुन का सेवन पेट के कैंसर से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके बाद वांग जुन ने अपने रोज़ाना के भोजन में लहसुन शामिल करना शुरू कर दिया।

वह खासतौर पर कच्चा लहसुन खाते थे, क्योंकि उनका मानना था कि तेज़ गर्मी में पकाने से इसमें मौजूद कुछ सक्रिय तत्व बदल सकते हैं।

6 महीने बाद जांच में मिला अच्छा परिणाम

लगभग छह महीने बाद वांग जुन ने अपनी पूरी स्वास्थ्य जांच कराई। जांच में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला कि कैंसर दोबारा लौट आया है और उनकी रिकवरी भी अच्छी चल रही थी।

वांग जुन बहुत खुश हुए और उन्होंने सोचा कि शायद इसका मुख्य कारण रोज़ कच्चा लहसुन खाना है।

लेकिन डॉक्टरों की राय अलग थी।

लहसुन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन कोई “चमत्कारी दवा” नहीं

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि लहसुन में मौजूद कुछ सल्फर यौगिकों, जैसे एलिसिन, पर वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं और इनके स्वास्थ्य संबंधी संभावित लाभ बताए गए हैं।

हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि केवल लहसुन खाने से कैंसर को रोकने या उसका इलाज करने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

कच्चा लहसुन काफी तीखा और उत्तेजक हो सकता है। यदि लंबे समय तक बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाए, तो यह पेट और पाचन तंत्र में परेशानी पैदा कर सकता है।

वांग जुन के मामले में डॉक्टरों का मानना था कि उनकी अच्छी रिकवरी केवल लहसुन की वजह से नहीं थी। समय पर सर्जरी, उचित इलाज और उनकी सकारात्मक मानसिक स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती थी।

सकारात्मक सोच भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है

मानसिक स्थिति का शरीर के स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ सकता है।

जो लोग लंबे समय तक तनाव, चिंता और मानसिक दबाव में रहते हैं, उन्हें अक्सर भूख कम लगना, नींद खराब होना और लगातार थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

लंबे समय तक तनाव रहने से शरीर के कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

इसके विपरीत, सकारात्मक सोच और आशावादी दृष्टिकोण व्यक्ति को बीमारी के दौरान तनाव और चिंता से निपटने में मदद कर सकता है। अच्छी मानसिक स्थिति इलाज और स्वस्थ जीवनशैली के साथ मिलकर शरीर की रिकवरी में सहायक हो सकती है।


रोज़ाना लहसुन खाने से शरीर को क्या संभावित फायदे मिल सकते हैं?

1. सर्दी और जुकाम से बचाव में सहायक

लहसुन में मौजूद सक्रिय तत्वों पर कई अध्ययन किए गए हैं। कुछ शोध बताते हैं कि नियमित रूप से लहसुन का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए फायदेमंद हो सकता है।

लहसुन में प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल गुण भी पाए जाते हैं। इसलिए इसे लंबे समय से पारंपरिक भोजन और घरेलू उपायों में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

हालांकि, लहसुन को सर्दी-जुकाम या संक्रमण का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

2. शराब के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव पर शोध

कुछ अध्ययनों में लहसुन में मौजूद डायएलिल डाइसल्फाइड (DADS) जैसे यौगिकों के संभावित प्रभावों का अध्ययन किया गया है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ये यौगिक ऑक्सीडेटिव तनाव से संबंधित कुछ प्रक्रियाओं पर प्रभाव डाल सकते हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लहसुन शराब से होने वाले लीवर के नुकसान को पूरी तरह रोक सकता है।

लहसुन का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए।

3. शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक

कई लोग सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाते हैं और मानते हैं कि इससे शरीर “डिटॉक्स” होता है।

हालांकि, शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का मुख्य काम लीवर और किडनी करते हैं।

संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद शरीर को स्वस्थ रखने के महत्वपूर्ण तरीके हैं।

लहसुन को स्वस्थ आहार का एक हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन इसे किसी विशेष “डिटॉक्स दवा” के रूप में नहीं देखना चाहिए।

4. रक्तचाप को नियंत्रित करने में संभावित मदद

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में लहसुन के अर्क और रक्तचाप के संबंध का अध्ययन किया गया है।

लहसुन में मौजूद सल्फर यौगिक रक्त वाहिकाओं के कार्य पर प्रभाव डाल सकते हैं। कुछ लोगों में यह रक्तचाप प्रबंधन के लिए सहायक हो सकता है।

लेकिन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं की जगह लहसुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

यदि आप पहले से रक्तचाप की दवा ले रहे हैं, तो अधिक मात्रा में लहसुन या लहसुन के सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

5. कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य के लिए संभावित लाभ

कई अध्ययनों में लहसुन और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर शोध किया गया है।

कुछ शोध बताते हैं कि लहसुन का नियमित सेवन कुछ लोगों में कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर हल्का सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

स्वस्थ हृदय के लिए केवल लहसुन खाना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ इन आदतों को अपनाना भी जरूरी है:

  • संतुलित और पौष्टिक भोजन करें
  • अधिक नमक और अत्यधिक वसा वाले भोजन से बचें
  • नियमित व्यायाम करें
  • धूम्रपान से बचें
  • पर्याप्त नींद लें
  • समय-समय पर रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं

कच्चा लहसुन खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि लहसुन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए अधिक मात्रा में कच्चा लहसुन खाना सही नहीं होता।

कच्चे लहसुन के अधिक सेवन से हो सकती हैं ये समस्याएं:

  • पेट में जलन
  • गैस और पेट फूलना
  • एसिडिटी
  • मतली
  • मुंह से तेज़ गंध
  • पाचन संबंधी परेशानी

जिन लोगों को पेट या पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या है, उन्हें कच्चा लहसुन खाने से पहले विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात

लहसुन एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, लेकिन यह कैंसर की दवा या इलाज का विकल्प नहीं है।

कैंसर से बचाव और अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, नियमित जांच, शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज सबसे महत्वपूर्ण हैं।

स्रोत: Aboluowang

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