अंडा दुनिया के सबसे लोकप्रिय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन बी12, विटामिन डी, आयरन और कई अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। लेकिन जब उबले हुए अंडे की जर्दी के चारों ओर हरे या धूसर रंग का घेरा दिखाई देता है, तो बहुत से लोग उसे फेंक देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घेरा आमतौर पर अंडे के खराब होने की निशानी नहीं होता। यह एक प्राकृतिक रासायनिक प्रतिक्रिया का परिणाम है। जब अंडे को बहुत अधिक समय तक या बहुत अधिक तापमान पर उबाला जाता है, तो अंडे की सफेदी में मौजूद सल्फर और जर्दी में मौजूद आयरन आपस में प्रतिक्रिया करके फेरस सल्फाइड (Ferrous Sulfide) नामक यौगिक बनाते हैं। यही यौगिक जर्दी के किनारे पर हरे या धूसर रंग की परत के रूप में दिखाई देता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि अंडा खाने योग्य नहीं है। यदि अंडा ताजा था और सही तरीके से संग्रहित किया गया था, तो केवल हरे घेरे की वजह से उसे फेंकने की आवश्यकता नहीं होती।
हालांकि, स्वाद और बनावट पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। अधिक उबले हुए अंडों की जर्दी अक्सर थोड़ी सूखी और भुरभुरी हो जाती है। यही कारण है कि कई शेफ अंडों को नियंत्रित समय तक उबालने और बाद में तुरंत ठंडे पानी में डालने की सलाह देते हैं। इससे रासायनिक प्रतिक्रिया कम होती है और जर्दी का रंग अधिक आकर्षक बना रहता है।
यदि आप इस हरे घेरे से बचना चाहते हैं, तो अंडों को लगभग 9 से 12 मिनट तक उबालें और फिर तुरंत बर्फ या ठंडे पानी में डाल दें। यह प्रक्रिया न केवल रंग को बेहतर बनाए रखती है बल्कि अंडे को छीलना भी आसान बनाती है।
लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी आवश्यक है। यदि अंडे से दुर्गंध आ रही हो, सफेदी या जर्दी का रंग असामान्य रूप से बदल गया हो, या लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा गया हो, तो उसे नहीं खाना चाहिए। ऐसे संकेत खराब होने या बैक्टीरिया के संक्रमण की ओर इशारा कर सकते हैं।
अंडों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें रेफ्रिजरेटर में संग्रहित करना चाहिए और खरीदने के बाद यथासंभव जल्दी उपयोग करना चाहिए। उबले हुए अंडे भी लंबे समय तक बाहर नहीं छोड़े जाने चाहिए।
निष्कर्षतः, अंडे की जर्दी के चारों ओर दिखाई देने वाला हरा या धूसर घेरा अक्सर अधिक उबालने का परिणाम होता है, न कि खराब होने का। यदि अंडा ताजा है और उसमें कोई असामान्य गंध या स्वाद नहीं है, तो आमतौर पर उसे खाना सुरक्षित माना जाता है। सही उबालने की तकनीक अपनाकर आप इस घेरे को बनने से काफी हद तक रोक सकते हैं और अंडे का स्वाद तथा पोषण दोनों बनाए रख सकते हैं।