डॉक्टर की चेतावनी: अदरक खाने से हो सकते हैं ये असर, जानें किन लोगों को सावधान रहना चाहिए
अदरक भारतीय रसोई का एक लोकप्रिय मसाला है। चाय, सब्जी, सूप और कई घरेलू व्यंजनों में इसका इस्तेमाल लंबे समय…
भिंडी भारतीय घरों में बेहद लोकप्रिय सब्जी है। इसे मसालेदार सब्जी, भरवां भिंडी, करी और कई अन्य तरीकों से बनाया जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन C, विटामिन K, फोलेट और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए सामान्य रूप से स्वस्थ व्यक्ति के संतुलित आहार में भिंडी को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि भिंडी किसी के लिए “ज़हर” है। कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों या दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बस थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है।
पहला समूह—मधुमेह की दवा लेने वाले लोग।
भिंडी में मौजूद कुछ घटक रक्त शर्करा को प्रभावित कर सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भिंडी और विशेष रूप से भिंडी के पानी पर किए गए कुछ अध्ययनों में रक्त शर्करा कम होने की संभावना देखी गई है। साथ ही, एक पशु अध्ययन में भिंडी के पानी ने मेटफॉर्मिन के प्रभाव को प्रभावित किया था। हालांकि यह प्रमाण इंसानों में निश्चित निष्कर्ष देने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए मधुमेह की दवा लेने वाले लोगों को अपने भोजन में अचानक बहुत अधिक भिंडी या भिंडी का पानी शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
दूसरा समूह—खून पतला करने वाली दवा लेने वाले लोग।
भिंडी में विटामिन K पाया जाता है, जो सामान्य रक्त-थक्का बनने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि कोई व्यक्ति ऐसी दवा ले रहा है जो रक्त के थक्के बनने को प्रभावित करती है, तो उसके आहार में विटामिन K की मात्रा में बड़े बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करने चाहिए। इसका अर्थ यह नहीं है कि ऐसे व्यक्ति को भिंडी पूरी तरह छोड़नी होगी; महत्वपूर्ण बात भोजन की मात्रा को स्थिर रखना और डॉक्टर को अपने आहार के बारे में बताना है।
तीसरा समूह—किडनी स्टोन, खासकर कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन का इतिहास रखने वाले लोग।
भिंडी में ऑक्सलेट पाया जाता है। National Kidney Foundation की कुछ आहार-सूचियों में भिंडी को उच्च-ऑक्सलेट खाद्य पदार्थों में शामिल किया गया है। जिन लोगों को कैल्शियम ऑक्सलेट किडनी स्टोन बनने की समस्या रहती है, उनके लिए भोजन में ऑक्सलेट की मात्रा महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए एक जैसा आहार सही नहीं होता। स्टोन के प्रकार और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन अलग सलाह दे सकते हैं।
इसलिए भिंडी को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए भिंडी फाइबर और कई पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हो सकती है। एक कप पकी हुई भिंडी में लगभग 35 कैलोरी और करीब 4 ग्राम फाइबर होता है। इसमें विटामिन C और K सहित कई पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं।
भिंडी को पकाने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। बहुत अधिक तेल में तलने के बजाय इसे कम तेल में भूनना, ग्रिल करना या अन्य सब्जियों के साथ पकाना रोजमर्रा के संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली भिंडी चुनना तथा उसे अच्छी तरह धोकर पकाना भी जरूरी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर चलने वाले दावों को देखकर किसी खाद्य पदार्थ को अचानक पूरी तरह बंद न करें। यदि आप मधुमेह की दवा, रक्त को पतला करने वाली दवा लेते हैं या किडनी स्टोन का इतिहास रखते हैं, तो अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लेना बेहतर है।
अदरक भारतीय रसोई का एक लोकप्रिय मसाला है। चाय, सब्जी, सूप और कई घरेलू व्यंजनों में इसका इस्तेमाल लंबे समय…
भिंडी भारतीय घरों में बेहद लोकप्रिय सब्जी है। इसे मसालेदार सब्जी, भरवां भिंडी, करी और कई अन्य तरीकों से बनाया…
कार में बैठकर कुछ देर आराम करना आम बात है। गर्म मौसम में लोग अक्सर इंजन और एयर कंडीशनर चालू…
किसी रक्त नमूने को देखकर उसका रंग सामान्य से बिल्कुल अलग दिखाई दे, तो यह स्वाभाविक रूप से चिंता पैदा…
60 साल की उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें धीरे-धीरे बदलने लगती हैं। इस उम्र में भोजन ऐसा…
सुबह के नाश्ते में अंडा दुनिया भर में पसंद किया जाता है। उबला हुआ अंडा, ऑमलेट या सब्जियों के साथ…