9 साल के बच्चे की किडनी से निकलीं 56 पथरियां! डॉक्टर ने बताया रोज़ की एक आदत बन सकती है वजह
9 साल के एक बच्चे के शरीर से 56 किडनी स्टोन निकाले जाने का मामला सामने आने के बाद डॉक्टरों ने बच्चों की खान-पान की आदतों पर ध्यान देने की सलाह दी है।
चीन के शेनझेन में रहने वाला 9 वर्षीय बच्चा शियाओ शुआन पिछले करीब दो महीनों से बीच-बीच में पेट दर्द की शिकायत कर रहा था। शुरुआत में दर्द हल्का था और थोड़ी देर बाद अपने आप ठीक हो जाता था, इसलिए परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
लेकिन एक दिन अचानक बच्चे को कमर के पास तेज दर्द हुआ और पेशाब में खून आने लगा। घबराए हुए माता-पिता उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए।

जांच में डॉक्टर भी हैरान रह गए
एक्स-रे और अन्य जांचों में पता चला कि बच्चे की किडनी और मूत्र मार्ग में बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी पथरियां मौजूद थीं।
डॉक्टरों के अनुसार, पथरियों की संख्या इतनी अधिक थी कि मूत्र मार्ग में रुकावट पैदा हो रही थी। इससे दाहिनी किडनी में पानी जमा होने की स्थिति भी बन गई थी। यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता, तो बच्चे की किडनी की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंच सकता था।
सबसे बड़ा सवाल था—सिर्फ 9 साल की उम्र में इतनी गंभीर किडनी स्टोन की समस्या आखिर क्यों हुई?
रोज़ मांस खाने और कम पानी पीने की आदत पर गया डॉक्टरों का ध्यान
बच्चे की खान-पान और जीवनशैली के बारे में जानकारी लेने पर डॉक्टरों को पता चला कि उसे लगभग हर दिन मांस खाना पसंद था। केवल 9 साल की उम्र में उसका वजन भी करीब 36 किलोग्राम था और वह पर्याप्त मात्रा में पानी भी नहीं पीता था।
रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि अत्यधिक मात्रा में मांस का सेवन और कम पानी पीने जैसी आदतें किडनी स्टोन बनने के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। कुछ परिस्थितियों में मूत्र में ऐसे पदार्थों की मात्रा बढ़ सकती है जो पथरी बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं।

ऑपरेशन के दौरान निकलीं 56 पथरियां
डॉक्टरों ने बच्चे के लिए उपचार योजना तैयार की और ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान उसके शरीर से कुल 56 पथरियां निकाली गईं।
इनमें से एक पथरी का आकार लगभग बटेर के अंडे जितना बताया गया।
इलाज के बाद बच्चे के पेट दर्द और पेशाब में खून आने जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम हो गईं। एक सप्ताह से अधिक समय तक उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ाने वाली कुछ आदतें
1. पर्याप्त पानी न पीना
कम पानी पीने से पेशाब अधिक गाढ़ा हो सकता है। इससे मूत्र में मौजूद खनिज और अन्य पदार्थ जमा होकर क्रिस्टल बना सकते हैं, जो आगे चलकर पथरी का रूप ले सकते हैं।
इसलिए बच्चों और बड़ों दोनों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है।
2. जरूरत से ज्यादा मांस खाना
मांस पोषण का अच्छा स्रोत हो सकता है, लेकिन किसी भी एक प्रकार के भोजन का अत्यधिक सेवन संतुलित आहार का विकल्प नहीं है।
रिपोर्ट में बच्चे के रोज़ाना मांस खाने की आदत को संभावित जोखिम कारकों में शामिल किया गया। खासतौर पर जब इसके साथ कम पानी पीना और असंतुलित खान-पान भी जुड़ा हो।
3. बहुत अधिक नमक वाला खाना
अत्यधिक नमक का सेवन भी किडनी स्टोन के जोखिम को प्रभावित कर सकता है।
पैकेट वाले स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड मीट और अन्य अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का जरूरत से ज्यादा सेवन सीमित करना बेहतर माना जाता है।
4. कुछ खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन
रिपोर्ट में समुद्री भोजन, चाय और चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन का भी उल्लेख किया गया है।
कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन या ऑक्सालेट जैसे तत्व अधिक हो सकते हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को इन्हें पूरी तरह छोड़ देना चाहिए—महत्वपूर्ण बात है मात्रा और संतुलन।
बच्चों में इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर बच्चे को बार-बार इनमें से कोई समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है:
- बार-बार पेट या कमर में दर्द
- पेशाब करते समय दर्द
- पेशाब में खून आना
- पेशाब की मात्रा में बदलाव
- मतली या उल्टी
- बार-बार मूत्र संक्रमण
- बिना स्पष्ट कारण के तेज दर्द
यह मामला एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि बच्चों की खान-पान की आदतों और पानी पीने की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।